कोरबा सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना गेवरा खदान में केंद्रीय सलाहकार ठेका श्रम बोर्ड के चेयरमैन सुरेन्द्र पांडेय एवं सदस्य शिवकुमार यादव ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई तरह की खामियां नजर आईं। 13 साल बाद बोर्ड के पदाधिकारियों का यह निरीक्षण हुआ।
केंद्रीय सलाहकार ठेका श्रम बोर्ड के चेयरमैन एवं सदस्य ने गेवरा खदान पहुंचकर ठेका श्रमिकों से सीधे संवाद किया। ठेका श्रमिकों से मिलने वाल सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई। वेतन, सीएमपीएफ कटौती, चिकित्सीय सुविधा एवं उनके अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
बोर्ड के पदाधिकारियों को हाई पावर कमेटी एवं बोर्ड द्वारा निर्धारित मापदंडों में कई कमियां मिली। कई श्रमिकों पहचान पत्र जारी नहीं किया गया और न ही उन्हें किसी प्रकार की चिकित्सीय सहायता/सुविधा मिल रही थी। नियमानुसार सीएमपीएफ कटौती नहीं हो रही थी और वेतन का उचित भुगतान नहीं किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार प्रबंधन एवं ठेकेदार बोर्ड के पदाधिकारियों के सवालों का जवाब नहीं दे सके और न ही दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। चेयरमैन एवं सदस्य ने उपस्थित एसईसीएल के अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें फटकार लगाई और व्यवस्थ दुरूस्त करने कहा। एसईसीएल प्रबंधन ने तीन माह के भीतर सभी खामियों को दूर करने का आश्वासन दिया।
केंद्रीय सलाहकार ठेका श्रम बोर्ड ने एसईसीएल गेवरा खदान का किया औचक निरीक्षण-मिली खामियां
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