Saturday, February 7, 2026
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सीजेआई गवई की मां कमलताई आरएसएस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, क्या हैं इसके मायने?

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इस बार विजयादशमी कार्यक्रम के लिए एक खास आमंत्रण दिया है। संघ ने भारत के मौजूदा चीफ जस्टिस (सीजेआई) भूषण रामकृष्ण गवई की मां कमलताई गवई को मुख्य अतिथि बनाया है। महाराष्ट्र के अमरावती में होने वाले इस आयोजन को संघ की रणनीतिक सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार संघ का यह आमंत्रण ऐसे समय आया है, जब हाल ही में सीजेआई गवई की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। खजुराहो स्थित जावरी मंदिर से जुड़ी याचिका पर उनकी टिप्पणी की आलोचना हुई और उन पर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे। मामला सोशल मीडिया पर जातीय बहस में भी बदल गया। इसके बाद गवई ने स्पष्ट किया कि वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। ऐसे में उनकी मां को आरएसएस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया जाना महत्त्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
गौरतलब है कि कमलताई गवई, पूर्व राज्यपाल और अंबेडकरवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेता आरएस गवई की पत्नी हैं। विदर्भ क्षेत्र में उन्होंने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर स्मारक भूमि, दीक्षाभूमि के विकास और बौद्ध मेमोरियल के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। गवई परिवार लंबे समय से दलित राजनीति और अंबेडकरवादी आंदोलन से जुड़ा रहा है।
आरएसएस की परंपरा रही है कि वह अपने बड़े आयोजनों में ऐसे लोगों को जगह देता है, जो उसकी विचारधारा से सीधे तौर पर नहीं जुड़े होते, लेकिन समाज में प्रभावशाली हैं। इससे संघ खुद को समावेशी और व्यापक स्वीकार्यता वाला संगठन बताने की कोशिश करता है।
यही कारण है कि इससे पहले भी कई बार संघ ने ऐसी शख्सियतों को अपने मंच पर आमंत्रित किया जिससे सभी चौंक गए थे। ऐसे ही नामों में प्रणब मुखर्जी (पूर्व राष्ट्रपति), डॉ. कोप्पिल्लील राधाकृष्णन (पूर्व इसरो प्रमुख), शंकर महादेवन (गायक-संगीतकार), संतोष यादव (एवरेस्ट पर दो बार चढ़ने वाली पहली महिला पर्वतारोही, आएसएस कार्यक्रम में पहली महिला मुख्य अतिथि), जनरल रूकमंगुड कटवाल (नेपाल के पूर्व सेना प्रमुख), जेपी राजखोवा (असम के पूर्व मुख्य सचिव) और प्रमुख उद्योगपति डॉ. गंगा राजू शामिल हैं।
इस बार नागपुर मुख्यालय में होने वाले विजयादशमी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद होंगे, जबकि अमरावती में कमलताई गवई का मुख्य अतिथि बनना राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

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