Saturday, March 28, 2026
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में “लॉन्चपैड: इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 29 मार्च को इंदौर में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वे सिंहासा आईटी पार्क में स्थापित “लॉन्चपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” का शुभारंभ करेंगे, दशहरा मैदान में आयोजित “संकल्प से समाधान अभियान” कार्यक्रम में भाग लेंगे और अमृत 2.0 योजना में विभिन्न जल आपूर्ति परियोजनाओं का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण भी करेंगे।

प्रदेश में डीप-टेक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र होगा सुदृढ़

सिंहासा आईटी पार्क में स्थापित “लॉन्चपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” की स्थापना आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन (आईआईटी इंदौर का टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन एवं रिसर्च पार्क) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के संयुक्त सहयोग से की गई है। इस केंद्र का उद्देश्य डीप-टेक नवाचार को प्रोत्साहित करना, उच्च प्रभाव वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना, उन्नत विनिर्माण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में प्रदेश को सशक्त बनाना और उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव लॉन्चपैड सेंटर का अवलोकन करेंगे तथा यहां संचालित नवाचार एवं स्टार्टअप गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त करेंगे। यह केंद्र मध्यप्रदेश को डीप-टेक नवाचार आधारित विकास एवं उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

“संकल्प से समाधान” अभियान से मजबूत हुआ जनविश्वास

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दशहरा मैदान में “संकल्प से समाधान अभियान” के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर हितलाभ वितरण करेंगे। प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक संचालित इस अभियान के अंतर्गत इंदौर जिले में 1 लाख 44 हजार 912 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। अभियान चार चरणों में संचालित हुआ, जिसमें ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक शिविर आयोजित कर विभिन्न विभागों की 100 से अधिक सेवाओं को शामिल किया गया।समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित होने से शासन के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

अमृत 2.0 के तहत जल आपूर्ति को मिलेगी मजबूती

मुख्यमंत्री अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नर्मदा जल प्रदाय योजना के चौथे चरण का भूमि-पूजन करेंगे। इस परियोजना से शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़ किया जाएगा तथा वर्ष 2040 तक की बढ़ती आबादी की मांग को पूरा करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।

पैकेज–2 : पाइपलाइन एवं टनल निर्माण

पैकेज–2 के अंतर्गत वांचू पॉइंट से राऊ सर्कल तक लगभग 39 किलोमीटर लंबी 2235 मिमी व्यास की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। साथ ही लगभग 2870 मीटर लंबाई में आधुनिक तकनीक से टनल निर्माण किया जाएगा तथा राऊ सर्कल पर क्लोरीनेशन सिस्टम स्थापित कर जल की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।इस पैकेज की लागत लगभग 448.23 करोड़ रुपये है तथा कार्य 30 माह में पूर्ण किया जाएगा।

पैकेज–3 : ओवरहेड टैंक एवं वितरण नेटवर्क

पैकेज–3 के अंतर्गत 20 नए ओवरहेड टैंक (15 से 35 लाख लीटर क्षमता) बनाए जाएंगे तथा 29 मौजूदा टैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही लगभग 27.4 किमी फीडर पाइपलाइन, 4.7 किमी ग्रेविटी मेन लाइन और 685 किमी वितरण लाइन बिछाई जाएगी।लगभग 1.26 लाख घरेलू जल कनेक्शन तथा 1.08 लाख से अधिक वाटर मीटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे 24×7 जल प्रदाय सुनिश्चित होगा। इस पैकेज की लागत लगभग 410.50 करोड़ रुपये है और इसे 36 माह में पूर्ण किया जाएगा।

पैकेज–4 : विस्तारित जल वितरण प्रणाली

पैकेज–4 के अंतर्गत 20 नए ओवरहेड टैंक एवं 46 मौजूदा टैंकों का उन्नयन किया जाएगा। साथ ही 25.82 किमी फीडर लाइन और 892 किमी वितरण पाइपलाइन बिछाई जाएगी।इस पैकेज के माध्यम से लगभग 1.21 लाख नए घरेलू कनेक्शन और 1.62 लाख से अधिक वाटर मीटर लगाए जाएंगे, जिससे जल वितरण प्रणाली को और अधिक स्मार्ट एवं प्रभावी बनाया जाएगा। इस कार्य की लागत लगभग 497.23 करोड़ रुपये है तथा इसे 36 माह में पूर्ण किया जाएगा।

सिरपुर एसटीपी : स्वच्छता और जल पुनः उपयोग की दिशा में बड़ी पहल

मुख्यमंत्री सिरपुर क्षेत्र में 20 एमएलडी क्षमता के अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण करेंगे। लगभग 62.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना के अंतर्गत 10 प्रमुख सीवर आउटफॉल को ट्रैप कर अशोधित सीवेज को सीधे तालाब में जाने से रोका गया है। परियोजना में 8.5 किमी सीवर लाइन, 5 किमी ट्रीटेड वाटर रीयूज लाइन तथा 0.5 एमएल क्षमता का ओवरहेड टैंक स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से उपचारित जल का उपयोग शहर के लगभग 25 उद्यानों, हरित क्षेत्रों एवं अन्य कार्यों में किया जाएगा।

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