नई दिल्ली। बीजेपी सांसद प्रतापचंद्र सारंगी ने एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उनके व्यवहार को लोकसभा में विपक्षी नेता के पद के लिए उपयुक्त होने के बजाय बाउंसर बताया है। संसद में हाथापाई के बाद घायल सारंगी ने कहा कि वह अब तुलनात्मक रूप से बेहतर हैं और उन्हें 28 दिसंबर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
बता दें 19 दिसंबर की संसद में हुई धक्का-मुक्की की घटना को याद करते हुए सारंगी ने कहा कि यह तब हुआ जब हम सभी बीजेपी सांसद एक प्रवेश द्वार के पास खड़े थे, शांतिपूर्वक तख्तियां लिए हुए अंबेडकर के अपमान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अचानक राहुल गांधी अपनी पार्टी के कुछ साथियों के साथ आए और लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने लगे। वह लोकसभा में विपक्ष के नेता की तरह नहीं, बल्कि एक बाउंसर की तरह व्यवहार कर रहे थे।
सारंगी ने दावा किया कि गेट के पास गांधीजी के लिए बिना किसी व्यवधान के गुजरने के लिए पर्याप्त जगह थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सामने खड़े सांसद मुकेश राजपूत को धक्का दे दिया। राजपूत मेरे ऊपर गिर गए और मेरा सिर पत्थर जैसी वस्तु के कोने से टकराया, जिससे मैं घायल हो गया। उन्होंने कहा कि जब किसी ने उन्हें घटना की जानकारी दी तो राहुल गांधी मेरे पास आए लेकिन वह बिना कोई वास्तविक चिंता दिखाए तुरंत चले गए।
राहुल गांधी विपक्ष के नेता नहीं, बाउंसर की तरह कर रहे थे व्यवहार
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