Friday, February 6, 2026
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परिसीमन मामले में दक्षिण राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में बोले स्टालिन- हमारी पहचान खतरे में

चेन्नई, लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर शनिवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अगुवाई में चेन्नई में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों सहित 14 नेता शामिल हुए। बैठक में परिसीमन के संभावित प्रभावों पर चिंता जताई गई और केंद्र सरकार से दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को बनाए रखने की मांग की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए प्रतिनिधियों से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा, कि परिसीमन के मुद्दे पर हमें एकजुट रहना होगा, वरना हमारी पहचान खतरे में पड़ जाएगी। संसद में हमारे प्रतिनिधित्व में कटौती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एक संयुक्त कार्रवाई समिति बनाई जाए, जो इस मुद्दे पर लोगों में जागरूकता फैलाए और केंद्र तक अपनी बात पहुंचाए। स्टालिन ने कहा कि हम परिसीमन के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि निष्पक्ष परिसीमन के पक्ष में हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि एक्सपर्ट्स पैनल गठित कर कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाए, ताकि इस राजनीतिक लड़ाई को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

केरल सीएम पिनाराई बोले- यह मुद्दा तलवार की तरह लटक रहा  
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने चिंता जाहिर की और कहा, कि परिसीमन का मुद्दा दक्षिणी राज्यों के लिए तलवार की तरह लटक रहा है। भाजपा सरकार इस पर बिना किसी परामर्श के आगे बढ़ रही है। उत्तर भारत में भाजपा का प्रभाव अधिक है, इसलिए वहां सीटें बढ़ाने और दक्षिण में घटाने की योजना बनाई जा रही है, जो असमानता को बढ़ावा देगा।

बैठक में शामिल हुए कई बड़े नेता
इस अहम बैठक में दक्षिण और अन्य राज्यों के बड़े राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया, जिनमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ ही केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन समेत तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास और बीजू जनता दल के नेता संजय कुमार दास बर्मा प्रमुख रहे।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपील की कि किसी भी राज्य के लोकसभा और राज्यसभा में प्रतिनिधित्व में कटौती न की जाए। उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए कि सदन की कुल सीटों की संख्या प्रभावित न हो।

तमिलनाडु भाजपा का विरोध, काले झंडे दिखाए गए
परिसीमन बैठक का तमिलनाडु भाजपा ने विरोध किया। पार्टी अध्यक्ष के. अन्नामलाई और अन्य भाजपा नेताओं ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को काले झंडे दिखाए। अन्नामलाई ने स्टालिन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, डीएमके सरकार पिछले 4 वर्षों से तमिलनाडु के हितों की अनदेखी कर रही है। यह पूरी बैठक केवल एक कृत्रिम मुद्दे को खड़ा करने के लिए थी।
इस बैठक के बाद विपक्षी दलों की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं। संयुक्त कार्रवाई समिति की घोषणा और कानूनी पहल इस मुद्दे को कितना आगे ले जाएगी, यह देखने वाली बात होगी।

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